विद्युत प्रणाली प्रभाग (पीएसडी)

विद्युत प्रणाली प्रभाग केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान के अग्रणी प्रभागों में से एक है, जिसकी स्थापना वर्ष 1960 में की गई थी। वर्षों के दौरान, विद्युत प्रणाली अनुसंधान एवं परामर्श की उभरती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस प्रभाग की अनुसंधान एवं परामर्श क्षमताओं को समय-समय पर विविध ऑनलाइन एवं ऑफलाइन अनुकार  सुविधाओं/टूलों/पैकेजों के माध्यम से सुदृढ़ किया गया है।

विद्युत प्रणाली प्रभाग विद्युत उपयोगिताओं तथा उद्योगों के लिए अनुप्रयुक्त अनुसंधान एवं विद्युत प्रणाली परामर्श सेवाएँ प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में विद्युत प्रणाली योजन, विद्युत प्रणाली स्थिरता अध्ययन, लोड फ्लो अध्ययन, शॉर्ट सर्किट अध्ययन, फ्लेक्सिबल प्रत्यावर्ती धारा ट्रांसमिशन सिस्टम उपकरण (FACTS), उच्च वोल्टता दिष्ट धारा (HVDC), ग्रिड संयोजकता, एफएसीटीएस, एचवीडीसी, एसवीसी तथा सुरक्षा रिले जैसे विभिन्न नियंत्रकों के वास्तविक काल निष्पादन विश्लेषण, विद्युत प्रणाली संरक्षण एवं ऑडिट, हार्मोनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड तथा सुरक्षा रिले के प्रकार परीक्षण  सहित परीक्षण सेवाएँ सम्मिलित हैं।

इस प्रभाग में उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं अनुसंधान पृष्ठभूमि वाले अनुभवी विद्युत इंजीनियरों  की विशेषज्ञ टीम कार्यरत है। प्रभाग में मेसर्स  आरटीडीीएस टेक्नोलॉजीज़ तथा मेसर्स  ओपल-आरटी टेक्नोलॉजीज़ द्वारा निर्मित रियल-टाइम डिजिटल सिम्युलेटर उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, प्रभाग में ऑफलाइन अनुकार  हेतु PSSE, ETAP, NEPLAN, SIMPOW, MATLAB आदि सॉफ्टवेयर पैकेज उपलब्ध हैं।इस प्रभाग की रिले परीक्षण प्रयोगशाला को एनएबीएल से मान्यता प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, परामर्श सेवाओं के लिए प्रभाग को आईएसओ मान्यता भी प्राप्त है। 


विद्युत प्रणाली प्रभाग अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं एवं नवीनतम सॉफ्टवेयर उपकरणों के साथ पिछले पाँच दशकों से अधिक समय से सरकारी एवं निजी विद्युत उपयोगिताओं, विद्युत उपकरण निर्माताओं तथा विभिन्न उद्योगों को परामर्श एवं परीक्षण सेवाएँ प्रदान कर रहा है। इस प्रभाग का ग्राहक आधार सम्पूर्ण भारत में व्यापक रूप से विस्तृत है तथा इसकी सेवाओं की पहुँच अंतरराष्ट्रीय स्तर तक भी है। प्रभाग के ग्राहकों में राज्य एवं निजी क्षेत्र की विद्युत उत्पादन, पारेषण तथा वितरण कंपनियाँ तथा इस्पात संयंत्र, एल्यूमिनियम संयंत्र, सीमेंट उद्योग, पेट्रो-रासायनिक उद्योग आदि जैसे विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठान सम्मिलित हैं।

  • consultancy projects

    परामर्श परियोजनाएँ

    प्रदत्त विभिन्न परामर्श सेवाएँ निम्नलिखित हैं:

    विद्युत प्रणाली परामर्श:

    • पारेषण योजना एवं विद्युत निकासी अध्ययन

    • पावर स्विंग परिघटना का अध्ययन

    • स्थिरता अध्ययन

    • भार प्रवाह अध्ययन

    • शॉर्ट सर्किट अध्ययन

    • प्रतिघाती विद्युत शक्ति क्षतिपूर्ति अध्ययन (कैपेसिटर की क्षमता एवं स्थान का निर्धारण)

    • पारेषण प्रणालियों में विद्युत हानियों का मूल्यांकन

    • स्टैटिक वीएआर कम्पेसाटर  की क्षमता का निर्धारण।

    • इन्सुलेशन समन्वय 

    • आइलैंडिंग अध्ययन 

    • नवीकरणीय ऊर्जा का ग्रिड एकीकरण – पवन एवं सौर ऊर्जा

    • नवीकरणीय विद्युत संयंत्रों में विद्युत हानियों का मूल्यांकन

    • विद्युत उत्पादन केंद्रों के लिए प्रणाली अध्ययन

    • उप-समकालिक अनुनाद (एसएसआर) अध्ययन

    • हार्मोनिक विश्लेषण एवं फ़िल्टर डिजाइन

    • फैक्ट्सएचवीडीसी एवं एसवीसी जैसे नियंत्रकों का कार्य-निष्पादन विश्लेषण (विद्युत प्रणाली  नियंत्रकों का बंद-लूप परीक्षण)

    • कैप्टिव विद्युत उत्पादन एवं औद्योगिक विद्युत प्रणालियों के लिए अध्ययन

    • एचवीडीसी एवं फैक्ट्स प्रणाली अध्ययन

    • नियंत्रक परीक्षण – समग्र द्वीपीकरण एवं भार प्रबंधन प्रणाली (सीआईएलएमएसनियंत्रक का परीक्षण एवं   स्टैटकॉम नियंत्रक परीक्षण

    • जल विद्युत संयंत्र में हानि के मूल्यांकन हेतु प्रणाली अध्ययन 

    • नवीकरणीय/वितरित ऊर्जा संसाधनों (DER) के लिए प्रणाली अध्ययन 

    • वास्तविक काल अनुकार पर एससीएडीए सुरक्षा प्रणाली का क्लोज्ड-लूप परीक्षण  

    • पीपीसीसीआईएलएमएस आदि नियंत्रकों का हार्डवेयर-इन--लूप (एचआईएल) परीक्षण 

    सुरक्षा प्रणाली अध्ययन:

    • विद्युत उत्पादन केंद्रों एवं उपकेंद्रों का सुरक्षा प्रणाली ऑडिट।

    • रिले समन्वय।

    • वास्तविक काल अनुकार पर संरक्षण योजनाओं का गति परीक्षण (विद्युत प्रणाली संरक्षण रिले का बंद-लूप परीक्षण)

    • पोर्ट ट्रस्टप्रमुख उद्योगों एवं ताप विद्युत केंद्रों में सुरक्षा रिले का क्षेत्रीय परीक्षण – सुरक्षा रिले के कार्य-निष्पादन की जाँच एवं शुद्धता परीक्षण। 

    • जीपीएस समकालिक एंड-टू-एंड परीक्षण द्वारा दूरी सुरक्षा योजना का परीक्षण। 

    • किसी राज्य के पारेषण ग्रिड की विस्तृत क्षेत्र मापन-आधारित विद्युत प्रणाली सुरक्षा 

    • जीपीएस समकालिक एंड-टू-एंड परीक्षण द्वारा दूरी सुरक्षा योजना का अध्ययन एवं क्षेत्रीय परीक्षण पद्धति का विकास 

    • विस्तृत क्षेत्र मापन प्रणालियों के माध्यम से स्मार्ट पारेषण, जिससे एचवीडीसी./फैक्ट्स उपकरणों का नियंत्रण एवं समन्वय किया जा सके। 

    • नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते एकीकरण वाले वितरण तंत्र के लिए अनुकूली सुरक्षा योजना का विकास एवं प्रदर्शन।

    • स्मार्ट ग्रिड के लिए विश्वसनीय एवं अनुकूलतम स्मार्ट मीटरन अवसंरचना।

    • पवन ऊर्जा के बड़े पैमाने पर एकीकरण वाले विद्युत तंत्र की स्थिरता एवं विश्वसनीयता का अध्ययन। 

    • भारतीय विद्युत प्रणाली में फैक्ट्स उपकरणों के अनुप्रयोग का अध्ययन।

    • एक ही एसी प्रणाली में बहु-इनफीड एचवीडीसी  प्रणालियों के एकीकरण से संबंधित मुद्दों का अध्ययन।

Department Contact Details

श्रीमती अरुणजोथी आर
संयुक्त निदेशक/प्रमुख
विद्युत प्रणाली प्रभाग (PSD)
फ़ोन: +91 80 2207 2445
मोबाइल: +91 9481472576
ई-मेल: powersystem[at]cpri[dot]in / arunjothi[at]cpri[dot]in