एचआईएल परीक्षण सुविधा
आरटीडीएस-आधारित हार्डवेयर-इन-द-लूप (HIL) परीक्षण फ्रेमवर्क वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में विद्युत प्रणाली उपकरणों, नियंत्रकों, संरक्षण प्रणालियों तथा ग्रिड-इंटरैक्टिव उपकरणों के वास्तविक काल अनुकार और सत्यापन की सुविधा प्रदान करता है। यह फ्रेमवर्क वास्तविक हार्डवेयर को वास्तविक काल अनुकार विद्युत प्रणाली मॉडल के साथ इंटरफेस करके क्लोज्ड-लूप परीक्षण की सुविधा प्रदान करता है।
प्रमुख परीक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
• संरक्षण रिले परीक्षण: सुरक्षा रिले के प्रकार्य, निष्पादन, समन्वय तथा गतिक अनुक्रिया परीक्षण।
• विद्युत संयंत्र नियंत्रक (पीपीसी) परीक्षण: सक्रिय/रिएक्टिव शक्ति नियंत्रण, वोल्टता नियंत्रण, आवृत्ति अनुक्रिया तथा ग्रिड-कोड अनुपालन का सत्यापन।
• समग्र द्वीपीकरण एवं भार प्रबंधन प्रणाली (सीआईएलएमएस) परीक्षण: द्वीपीकरण का संसूचन, भार शेडिंग, उत्पादन–भार संतुलन, प्रणाली पुनर्स्थापन तथा ग्रिड विक्षोभों के दौरान स्थिर संचालन का सत्यापन करने हेतु समग्र द्वीपीकरण एवं भार प्रबंधन प्रणाली (सीआईएलएमएस) का परीक्षण।
• अन्य नियंत्रक जैसे एचवीडीसी तथा फैक्ट्स नियंत्रक आदि ।
आरटीडीएस का उपयोग करके नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों के लिए विद्युत संयंत्र नियंत्रक की हार्डवेयर-इन-द-लूप (HIL) परीक्षण सुविधा
सौर पीवी और पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (आरईएस) के बढ़ते एकीकरण के साथ, केंद्रीकृत विद्युत संयंत्र नियंत्रक (पीपीसी) ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पीपीसी, अनेक इन्वर्टरों तथा स्टैटिक VAR जनरेटर (एसवीजी) के सक्रिय एवं प्रतिघाती विद्युत शक्ति आउटपुट के समन्वय के माध्यम से ग्रिड कोड के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी होते हैं। हालाँकि, वास्तविक ग्रिड वातावरण में इन नियंत्रकों का परीक्षण करना सुरक्षा, लागत तथा परीक्षण की व्यापकता से संबंधित सीमाओं के कारण अक्सर व्यावहारिक नहीं होता। वास्तविक काल डिजिटल अनुकार (आरटीडीएस) प्लेटफॉर्म उच्च-विश्वसनीयता वाले हार्डवेयर-इन-द-लूप (HIL) परीक्षण वातावरण उपलब्ध कराते हैं, जिसके माध्यम से विभिन्न गतिशील परिस्थितियों में पीपीसी के निष्पादन का व्यापक रूप से मूल्यांकन किया जा सकता है।
विद्युत संयंत्रनियंत्रक (पीपीसी) की भूमिका
- अनेक यूनिटों से प्राप्त सक्रिय एवं प्रतिघाती विद्युत शक्ति आउटपुट का समन्वय।
- ग्रिड कोड का अनुपालन (अर्थात् एफआरटी, रैंप दर की सीमाएँ तथा वोल्टता नियंत्रण।
- आर ई एस संयंत्र और ग्रिड ऑपरेटर के बीच इंटरफेस(अंतरापृष्ठ) के रूप में कार्य करना।
- नियंत्रण रणनीतियाँ:
- सक्रिय विद्युत शक्ति में कमी
- वोल्ट-वीएआर नियंत्रण
- आवृत्ति-वाट ड्रूप नियंत्रण
- डायनेमिक सेट-पॉइंट ट्रैकिंग
आरटीडीएस-आधारित एचआईएल परीक्षण रूपरेखा
आरटीडीएस का उपयोग करके नियंत्रकों का हार्डवेयर-इन-द-लूप (HIL) परीक्षण करने से नियंत्रण तर्क का वास्तविक काल में सत्यापन संभव होता है। उदाहरण के लिए, पीपीसी के नियंत्रण तर्क, गतिक निष्पादन तथा ग्रिड के साथ अंतःक्रिया संबंधी व्यवहार का क्षेत्र में परिनियोजन से पहले वास्तविक एवं चरम परिचालन परिस्थितियों में परीक्षण किया जा सकता है। यह सक्रिय/रिएक्टिव शक्ति, वोल्टता एवं आवृत्ति ड्रूप, शक्ति गुणांक तथा अतिरेक जैसी पीपीसी नियंत्रण कार्यप्रणालियों का सटीक आकलन करने में सक्षम बनाता है तथा आईईजीसी विनियम, 2023 के अनुसार अनुपालन एवं प्रणाली की स्थिरता सुनिश्चित करता है।
आरटीडीएस परीक्षण से दोहराए जा सकने वाले और जोखिम-मुक्त विश्लेषण की सुविधा प्राप्त होती है। इससे नियंत्रण प्रणालियों की ट्यूनिंग को सुव्यवस्थित करने, समस्याओं की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करने तथा इन्वर्टर-आधारित नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों, सुरक्षा रिले, पीपीसी, सीआईएलएमएस आदि का ग्रिड के साथ विश्वसनीय एकीकरण सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।
श्रीमती अरुणजोथी आर
संयुक्त निदेशक/प्रमुख
विद्युत प्रणाली प्रभाग (PSD)
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